मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में अवैध उत्खनन माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर गौरव बैनल के सख्त रुख के बाद राजस्व विभाग की टीम ने चितरंगी क्षेत्र में छापेमारी कर सरकार ग्लोबल कंपनी की पीसीसी मशीन को रंगे हाथों अवैध खनन करते हुए जब्त कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के अन्य अवैध खननकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
अवैध उत्खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
जिले में अवैध उत्खनन को रोकने के लिए प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। पिछले लंबे समय से सरकार ग्लोबल कंपनी के विरुद्ध ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों से अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गौरव बैनल ने एक विशेष टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे।
कलेक्टर के आदेश पर त्वरित एक्शन लेते हुए एसडीएम चितरंगी सौरभ मिश्रा ने राजस्व टीम के साथ ग्राम रेही स्थित रेत खदान का निरीक्षण किया गया।
लीज क्षेत्र के बाहर हो रहा था खेल: मौके पर पकड़ी गई मशीन
जांच के दौरान टीम ने पाया कि सरकार ग्लोबल कंपनी को आवंटित लीज क्षेत्र की सीमाओं का उल्लंघन कर रही थी। कंपनी द्वारा निर्धारित दायरे से बाहर जाकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके पर एक पीसीसी (PCC) मशीन अवैध रूप से खुदाई करती पाई गई।
ग्रामीणों की शिकायतों पर लगी मुहर
ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी की मनमानी के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व की भी चोरी की जा रही है। एसडीएम सौरभ मिश्रा ने स्पष्ट किया कि खदान के भौतिक सत्यापन में नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया है, जिसके आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।
खनन माफियाओं में हड़कंप
जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई से प्रशासन ने यह कड़ा संदेश दिया है कि प्रभाव चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, नियमों से ऊपर कोई नहीं है। आने वाले दिनों में जिले की अन्य खदानों पर भी इसी तरह की आकस्मिक जांच की संभावना जताई जा रही है।








