सिंगरौली। मध्य प्रदेश की ऊर्जाधानी सिंगरौली जिले में घर-घर गैस पहुँचाने के लिए चल रहे भारत पेट्रोलियम (BPCL) के महत्वाकांक्षी पाइपलाइन प्रोजेक्ट में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को माजन तिराहा से नवानगर मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान नियमों को ताक पर रखकर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों (Domestic LPG) का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। यह घटना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
मौके पर खुलासा: पाइप जोड़ने के लिए घरेलू सिलेंडर का ‘जुगाड़’
पाइपलाइन बिछाने के काम में जुटी कंपनी और ठेकेदार द्वारा वेल्डिंग और पाइपों को जोड़ने की प्रक्रिया में लाल रंग के घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था। जब मौके पर काम कर रहे मजदूरों से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि “हमें जो सिलेंडर दिए गए हैं, हम उन्हीं से काम कर रहे हैं।” हालांकि, मजदूरों ने ठेकेदार या संबंधित कंपनी का नाम बताने से साफ इनकार कर दिया।
प्रतिबंध का उल्लंघन
नियमानुसार, किसी भी कमर्शियल या इंडस्ट्रियल काम के लिए नीले रंग के व्यावसायिक सिलेंडरों का ही उपयोग किया जा सकता है। घरेलू सिलेंडरों का उपयोग करना कानूनन अपराध है।
सवालों के घेरे में खाद्य विभाग: अधिकारी न दफ्तर में मिले, न फोन पर
इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद जब जिम्मेदार विभाग की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो स्थिति और भी निराशाजनक रही।
खाद्य विभाग के अधिकारी पी.सी. चंद्रवंशी न तो अपने कार्यालय में उपस्थित थे और न ही उन्होंने फोन पर कोई जवाब दिया। सवाल यह उठता है कि जिला मुख्यालय की मुख्य सड़क पर खुलेआम हो रहे इस अवैध कार्य की भनक विभाग को क्यों नहीं लगी? क्या सरकारी प्रोजेक्ट होने के नाते ठेकेदारों को नियमों के उल्लंघन की खुली छूट दे दी गई है?
आम जनता को परेशानी, ठेकेदारों को फायदा?
एक ओर जहाँ आम जनता को घरेलू सिलेंडर के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर रसूखदार ठेकेदार सस्ते दर वाले घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर सरकारी प्रोजेक्ट्स में मुनाफाखोरी कर रहे हैं।
प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौतियां:
- क्या संबंधित ठेकेदार और कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा?
- क्या खाद्य विभाग के उन अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी जो अपनी ड्यूटी से नदारद रहे?
- क्या भारत पेट्रोलियम (BPCL) अपने इस प्रोजेक्ट की निगरानी प्रणाली में सुधार करेगा?
यह मामला दर्शाता है कि सिंगरौली में नियम केवल आम आदमी के लिए हैं, बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले ठेकेदारों के लिए नहीं। अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद जिला प्रशासन सक्रिय होता है या फिर यह अवैध खेल यूँ ही जारी रहेगा।
सिंगरौली में भारत पेट्रोलियम की पाइपलाइन बिछाने में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल हो रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारी नदारद, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल।








