सिंगरौली (चितरंगी): जिले में धान खरीदी के सीजन के बीच अवैध परिवहन और बिचौलियों के खेल पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। चितरंगी एसडीएम के नेतृत्व में देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 क्विंटल से अधिक अवैध धान की खेप को जब्त किया गया है। उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में हुई इस कार्रवाई से धान तस्करों और अवैध व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
देर रात कैथवानी गांव में घेराबंदी
प्रशासन को सूचना मिली थी कि सीमावर्ती इलाकों से अवैध धान की खेप खपाने की तैयारी में है, यह कार्रवाई एसडीएम चितरंगी, तहसीलदार और पटवारी की संयुक्त टीम ने कैथवानी गांव के पास मोर्चा संभालाते हुए शनिवार की दरम्यानी रात बिना नंबर प्लेट के एक संदिग्ध ट्रैक्टर को रोका गया, जिसमें 32 क्विंटल से अधिक धान लदा था। जब चालक से धान के दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध रसीद या कागज पेश नहीं कर सका।
गढ़वा पुलिस के हवाले ट्रैक्टर और धान
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गढ़वा थाना प्रभारी को मौके पर बुला कर बिना नंबर के ट्रैक्टर और अवैध धान को पुलिस अभिरक्षा में लेकर गढ़वा थाने में खड़ा कराया गया है। प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह धान दूसरे राज्य (उत्तर प्रदेश) से लाकर सिंगरौली की समितियों में खपाने की कोशिश की जा रही थी।
किसानों के हक पर डाका डालने वालों पर होगी FIR
एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि अवैध रूप से धान का परिवहन और भंडारण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय किसानों के हक पर डाका डालने जैसा है।
अधिकारी ने बयान देते हुए कहा कि अवैध भंडारण और परिवहन से सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है। बिचौलिये सस्ते दामों पर बाहर से धान लाकर यहाँ ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में रहते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रशासन की चेतावनी
चितरंगी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बॉर्डर चेक पोस्ट के अलावा ग्रामीण रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अवैध धान के इस कारोबार में शामिल बड़े व्यापारियों और माफियाओं को चिन्हित किया जा रहा है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।








