सिंगरौली। मकर संक्रांति के त्योहार और पतंगबाजी के उत्साह के बीच सिंगरौली पुलिस ने जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। जिले में चाइनीज मांझा (नायलॉन या ग्लास कोटेड धागा) के उपयोग, भंडारण और बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?
पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह मांझा साधारण धागे की तरह नहीं होता, बल्कि इस पर कांच और रसायनों की परत चढ़ी होती है।
इंसानी जान को खतरा
दोपहिया वाहन चालकों के गले में फंसने से अक्सर घातक चोटें आती हैं। कई मामलों में इसके कारण राहगीरों की जान तक चली गई है।
पशु-पक्षियों के लिए काल
उड़ते हुए पक्षी अक्सर इस अदृश्य ‘खूनी धागे’ की चपेट में आकर दम तोड़ देते हैं या अपाहिज हो जाते हैं।
बच्चों की सुरक्षा
पतंग उड़ाते समय बच्चों की अंगुलियों और हाथों के कटने की गंभीर घटनाएं सामने आती रही हैं।
पुलिस की दुकानदारों को सख्त चेतावनी
सिंगरौली पुलिस ने सभी व्यापारियों को हिदायत दी है कि वे अपने स्टॉक से तुरंत चाइनीज मांझा हटा लें। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस की टीमें औचक निरीक्षण करेंगी। यदि किसी दुकान पर अवैध रूप से यह मांझा बिकता पाया गया, तो दुकानदार पर अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
“सूती धागा अपनाएं, खुशियां मनाएं”
सिंगरौली पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि:
केवल सूती धागा
पतंग उड़ाने के लिए केवल पारंपरिक कॉटन (सूती) धागे का ही उपयोग करें।
बच्चों पर नजर
अभिभावक सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे सुरक्षित धागे से ही पतंगबाजी करें।
सूचना दें
यदि कहीं भी चाइनीज मांझा बिकता हुआ दिखे, तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
सुरक्षित पतंगबाजी और जनसुरक्षा के प्रति सिंगरौली पुलिस की यह पहल सराहनीय है। त्योहार का आनंद किसी के जीवन के लिए संकट न बने, इसके लिए पूरे समाज को सहयोग करने की आवश्यकता है। याद रखें, आपका एक गलत फैसला किसी की जान ले सकता है।








