श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की नगरी में व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की सक्रिय पहल

कलेक्टर के निर्देश पर हुई बैठक, श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार पर सर्वसम्मति
नर्मदा तट पर बसी ओंकारेश्वर नगरी देश-विदेश में अपनी आध्यात्मिक महत्ता के लिए विख्यात है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु अपने परिवार सहित यहाँ पहुँचते हैं। वर्षभर भक्तों का तांता लगा रहता है, ऐसे में व्यवस्थाओं को सुचारु, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
“शुकदेव मुनि द्वार” के चौड़ीकरण को लेकर आयोजित बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही। यह बैठक खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देशानुसार आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की व्यवस्थाओं और श्रद्धालु सुविधाओं को विस्तार देने पर गंभीरता से चर्चा हुई।


कलेक्टर के मार्गदर्शन में आईएएस पंकज जैन ने बैठक की कमान संभाली और जमीनी स्तर पर उपस्थित संत समाज, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों से संवाद कर विषय को गहराई से समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीर्थनगरी में किसी भी प्रकार का विकास कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को केंद्र में रखकर ही किया जाएगा।
बैठक में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में दो से ढाई फीट चौड़े “शुकदेव मुनि द्वार” को बढ़ाकर चार से पांच फीट करने की योजना है, जिससे दर्शनार्थियों की आवाजाही अधिक सुगम हो सके। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया कि मंदिर की परंपरागत संरचना और धार्मिक मर्यादा को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखते हुए ही यह कार्य संपन्न किया जाएगा।
खंडवा कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की कार्यशैली सदैव नवाचार और समाधान आधारित रही है। उनके निर्देशानुसार क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा त्वरित पहल करना इस बात का प्रमाण है कि ओंकारेश्वर जैसी पावन नगरी में विकास कार्यों को संवेदनशीलता और गंभीरता से लिया जा रहा है।
यह पहल न केवल द्वार चौड़ीकरण का निर्णय है, बल्कि तीर्थनगरी में बेहतर प्रबंधन, सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं के अनुभव को और अधिक सहज बनाने की दिशा में एक सशक्त प्रशासनिक कदम के रूप में देखी जा रही है।








