दुर्गंध, बीमारी और शहर विकास में बाधा—स्लॉटर हाउस शहर से बाहर हो: पुरानी मांग फिर गरमाई
विधायक ने मुख्यमंत्री के संज्ञान में रखा मुद्दा, सांसद की अनुशंसा पर सौंपा गया पत्र

खंडवा/खबर मंडी (सुशील विधाणी )
खंडवा। शहर के बीचों-बीच संचालित पशु स्लॉटर हाउस को लेकर लंबे समय से उठ रही जनसमस्याएं अब फिर तेज हो गई हैं। दुर्गंध, स्वास्थ्य जोखिम और शहर के समग्र विकास में बाधा बन रहे इस मुद्दे को खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में गंभीरता से रखा है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर स्लॉटर हाउस को नगर सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की मांग दोहराई गई।
बुधवार को मुख्यमंत्री खंडवा पहुंचे, जहां उन्होंने सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के निवास पर उनके भाई के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसी दौरान बुरहानपुर क्षेत्र के औद्योगिक विकास को लेकर आयोजित बैठक में यह अहम मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बैठक के दौरान विधायक द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि शहर के बीच संचालित स्लॉटर हाउस अब नागरिकों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन चुका है और इसे तत्काल प्रभाव से बाहर शिफ्ट करना आवश्यक है।
इमलीपुरा क्षेत्र में स्थित स्लॉटर हाउस को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। हाल ही में अवैध चर्बी और हड्डी के कारोबार पर प्रशासन द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के बाद यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो गया है। वहीं, स्लॉटर हाउस के रिन्यूअल के बाद इसके पुनः संचालन की अनुमति मिलने से स्थानीय रहवासियों में असंतोष और बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्लॉटर हाउस से उठने वाली तीव्र दुर्गंध पूरे क्षेत्र के वातावरण को दूषित कर देती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। हवा में फैलने वाले प्रदूषक तत्व, गंदगी और पशु अवशेषों के अनुचित निपटान से संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है।
इसके अलावा, स्लॉटर हाउस से निकलने वाला दूषित पानी भूजल को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट और स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ रही है। शहर के बीच इस प्रकार की गतिविधियों के चलते स्वच्छता अभियान और शहरी विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
रिहायशी क्षेत्रों और स्कूलों के नजदीक स्लॉटर हाउस होने से सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों में बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है। वहीं, पशुओं के परिवहन के दौरान संकरी सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित होती है।
जनप्रतिनिधियों ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि शहर के विकास की दृष्टि से ऐसे व्यवसायों को नगर सीमा के बाहर व्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाना चाहिए, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इससे न केवल शहरवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि औद्योगिक और शहरी विकास को भी गति मिलेगी।
खंडवा में स्लॉटर हाउस को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि यह वर्षों पुराना मुद्दा है, जिसे समय-समय पर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाया जाता रहा है। अब एक बार फिर इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखे जाने के बाद शहरवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह मुद्दा केवल एक स्थानांतरण का नहीं, बल्कि शहर के स्वास्थ्य, स्वच्छता और भविष्य के विकास से जुड़ा हुआ है, जिस पर प्रशासन और सरकार को गंभीरता से निर्णय लेने की आवश्यकता है।
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