खंडवा। जनजातीय कार्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की पहल पर खंडवा जिले के आदिवासी और ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए स्वर्णिम द्वार खुल गए हैं। अब खंडवा के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना होगा। शासन की ‘आकांक्षा योजना’ के तहत अब खंडवा जिले में ही JEE, NEET और CLAT जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की हाई-प्रोफाइल कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
आकांक्षा योजना: अब खंडवा भी बनेगा ‘कोचिंग हब’
समाजसेवी और प्रवक्ता सुनील जैन के अनुसार, आकांक्षा योजना के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक है। अब तक यह विशेष सुविधा प्रदेश के कुछ चुनिंदा बड़े शहरों तक ही सीमित थी, जिससे खंडवा के जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार छात्र संसाधनों के अभाव में पीछे छूट जाते थे।
योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएं:
JEE (इंजीनियरिंग)
देश के शीर्ष IITs और NITs में प्रवेश की तैयारी।
NEET (मेडिकल)
डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन।
CLAT (लॉ)
कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज की तैयारी।
समान अवसर
ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी छात्रों को अब शहरी छात्रों के बराबर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का दूरदर्शी नेतृत्व
कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह को उनकी संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता है। उनके प्रयासों से खंडवा जिला इस महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा बना है। सुनील जैन ने बताया कि मंत्री जी का मुख्य उद्देश्य जनजातीय युवाओं को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य की नई राह
इस पहल से खंडवा जिले के युवाओं में हर्ष का माहौल है। अब तक आर्थिक तंगी या बड़े शहरों में रहने की व्यवस्था न होने के कारण कई छात्र प्रतिभा होने के बावजूद इन परीक्षाओं में नहीं बैठ पाते थे।
- स्थानीय स्तर पर कोचिंग मिलने से परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
- जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से अब अधिक संख्या में डॉक्टर, इंजीनियर और वकील निकलेंगे।
प्रवक्ता सुनील जैन ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय खंडवा के शैक्षिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।








