भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने रविवार देर शाम प्रशासनिक गलियारों में बड़ा फेरबदल करते हुए 26 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस नई सूची में कई कद्दावर अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, वहीं कुछ को महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गृह, स्वास्थ्य, पर्यटन और जनजातीय कार्य जैसे अहम विभागों में हुए इन बदलावों को आगामी बजट और प्रशासनिक कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रमुख बदलाव: किसे, कहां मिली जिम्मेदारी?
इस फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला नाम शिवशेखर शुक्ला का है, जिन्हें पर्यटन विभाग से हटाकर अपर मुख्य सचिव (ACS) गृह एवं संस्कृति विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई पदस्थापनाओं पर एक नज़र:
| अधिकारी का नाम | नया पद / विभाग |
| शिवशेखर शुक्ला | अपर मुख्य सचिव (ACS), गृह एवं संस्कृति विभाग |
| टी. इलैयाराजा | प्रबंध संचालक (MD), पर्यटन विभाग |
| एस. धनराजू | स्वास्थ्य आयुक्त (Health Commissioner) |
| तरुण राठी | कमिश्नर, जनजातीय कार्य (Tribal Commissioner) |
| अनय द्विवेदी | वाणिज्य कर आयुक्त, इंदौर |
| ऋषि गर्ग | MD, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी |
| गौतम सिंह | हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर |
| जॉन किंग्सली एआर | सचिव, उद्यानिकी (अतिरिक्त प्रभार: NVDA और WRD) |
इन अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार
सरकार ने कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कुछ अनुभवी अधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी भी सौंपी है।
- एम. सेल्वेंद्रन: इन्हें साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- कुमार पुरुषोत्तम: एमडी मंडी बोर्ड के साथ-साथ अब मार्कफेड (Markfed) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
विभागों में नए बदलाव
- पर्यटन में नया विजन: टी. इलैयाराजा को पर्यटन की जिम्मेदारी देना यह दर्शाता है कि सरकार इस क्षेत्र में नए निवेश और नवाचार (Innovation) चाहती है।
- स्वास्थ्य और जनजातीय कार्य: एस. धनराजू (स्वास्थ्य) और तरुण राठी (ट्राइबल) की नियुक्तियां जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करने के उद्देश्य से की गई हैं।
- गृह विभाग: शिवशेखर शुक्ला जैसे अनुभवी अधिकारी को गृह विभाग में लाना कानून-व्यवस्था और नीतिगत निर्णयों में अनुभव को प्राथमिकता देना है।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
रविवार रात जारी हुई इस सूची ने मंत्रालय (वल्लभ भवन) में हलचल तेज कर दी है। सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि प्रदर्शन के आधार पर अधिकारियों को नई चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ जिलों के कलेक्टरों की सूची आने की भी संभावना जताई जा रही है।









