भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर आई है। लंबे समय से चल रहे शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के विवाद को सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ‘रिव्यू पिटीशन’ (पुनर्विचार याचिका) दायर कर दी है। इस कदम ने न केवल शिक्षकों के भविष्य पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादलों को हटाया है, बल्कि सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच विश्वास की नई इबारत लिखी है।
मुख्यमंत्री निवास पर हुई ‘निर्णायक’ बैठक
बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ गहन चर्चा की। इस बैठक में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर और भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। चर्चा का मुख्य केंद्र शिक्षकों की नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता बरकरार रखना और TET से जुड़े विधिक अड़चनों को दूर करना था।

रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) क्या है और इसका क्या होगा लाभ?
जब सरकार को लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व आदेश से किसी बड़े वर्ग (जैसे शिक्षक) के हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, तो सरकार उसी आदेश पर फिर से विचार करने के लिए याचिका लगाती है।
1. वरिष्ठता की रक्षा
यदि याचिका स्वीकार होती है, तो शिक्षकों की नियुक्ति की मूल तारीख से उनकी वरिष्ठता बरकरार रह सकती है।
2. प्रमोशन के रास्ते
वरिष्ठता विवाद सुलझने से रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी।
3. वित्तीय लाभ
एरियर और वेतन वृद्धि से जुड़े विवादों का स्थाई समाधान होने की उम्मीद है।
आंदोलन पर लगा विराम, संगठनों ने जताई खुशी
सरकार के इस त्वरित और सकारात्मक कदम के बाद शिक्षक संगठनों ने अपने आगामी आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और सरकार की कानूनी प्रक्रिया पर विश्वास रखें। संगठनों ने माना है कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ‘प्रतिबद्धता’ दिखाई है।
म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर का कहना है शिक्षकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से हमारा पक्ष रखेगी। यह हमारे संघर्ष की पहली बड़ी सफलता है।
शिक्षक संगठनों का संदेश
- सरकार सक्रिय है और कानूनी मोर्चे पर मजबूती से डटी है।
- आंदोलन फिलहाल स्थगित है, लेकिन संगठन पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
- जल्द ही TET और वरिष्ठता से जुड़े नियमों में अनुकूल बदलाव की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा संजीदा कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल ने शिक्षकों के बीच सरकार की छवि को ‘शिक्षक हितैषी’ के रूप में स्थापित किया है।








