मुरैना। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो पूरा जिला शिक्षक आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चपेट में होगा।
प्रमुख मांगें: एरियर से लेकर ट्रेजरी कोड तक
ज्ञापन में शिक्षकों की उन समस्याओं को रेखांकित किया गया है जो लंबे समय से फाइलों में दबी हुई हैं प्रांतीय उपाध्यक्ष रामबरन सिंह सिकरवार ने क्रमोन्नति के रुके हुए एरियर का शीघ्र भुगतान करने की मांग प्रमुखता से उठाई।संविदा शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) पूर्ण होने के बावजूद उनके नियमितीकरण के आदेश जारी न होने पर संघ ने गहरा रोष व्यक्त किया। कई शिक्षकों के अब तक ट्रेजरी कोड जारी नहीं हुए हैं, जिसके कारण उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
आर्थिक हानि और मानसिक तनाव
संघ के जिलाध्यक्ष पवन सिंह परिहार और जिला सचिव राम अवतार सिंह ने बताया कि इन प्रशासनिक कमियों के कारण शिक्षकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन प्रशासन ने केवल आश्वासन दिया, ठोस कार्रवाई नहीं की।
पदाधिकारियों के कड़े तेवर
जिला कोषाध्यक्ष विन्दु सोलंकी ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यदि शासन-प्रशासन ने तत्काल सकारात्मक पहल नहीं की, तो होने वाले किसी भी आंदोलन और उससे उत्पन्न स्थितियों की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन के दौरान उपस्थिति
इस अवसर पर जिले के बड़ी संख्या में शिक्षक और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से संजय दीक्षित, योगेन्द्र यादव, सीडी पिप्पल, अरविन्द्र सिकरवार, पी के त्यागी, धर्मेन्द्र भारद्वाज, जितेन्द्र शर्मा, विनोद गुप्ता, थान सिंह, धर्मेन्द्र राजावत, हरिओम शर्मा, चन्द्रेश उपाध्याय, राघवेन्द्र धाकरे, राजेश गुर्जर, कुलदीप सोलंकी, अजय डण्डोतिया, विनय कुमार बैस, राजीव दुवे, राजेश परमार, ब्रजराज सिकरवार, रजनी भदौरिया, नीलू मिश्रा, अंजना सिकरवार, ओमवती श्रीवास, मंजू और अंजू राठौर आदि शामिल थे।








