खंडवा के जंगल में वन विभाग की टीम पर खूनी हमला: अतिक्रमणकारियों ने गोफन, पत्थर और लाठियों से किया जानलेवा हमला, 8 से अधिक वनरक्षक घायल; दो घंटे तक नहीं मिली मदद
खंडवा/खबर मंडी
विशेष न्यूज़

खंडवा वन मंडल के गुड़ी वन परिक्षेत्र में रविवार सुबह वन विभाग की टीम पर कथित रूप से वन अतिक्रमणकारियों द्वारा किया गया हमला जंगल में कानून व्यवस्था और वन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आम खुजली बीट के कक्ष क्रमांक 748 एवं 749 में गश्त पर गई वन विभाग की विशेष टीम पर पहले से घात लगाए बैठे अतिक्रमणकारियों ने अचानक गोफन, पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में कई वनरक्षक घायल हो गए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में भर्ती हुए 45 नवपदस्थ वनरक्षकों को प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद गुड़ी रेंज में स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड के रूप में तैनात किया गया है। इनका उद्देश्य वन भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर रोक लगाना और जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रविवार सुबह यह विशेष दल नियमित गश्त और निगरानी के लिए आम खुजली क्षेत्र पहुंचा था। इसी दौरान कथित अतिक्रमणकारियों ने अचानक हमला बोल दिया।
गोफन और पत्थरों की बौछार से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों और घायल कर्मचारियों के अनुसार, हमला पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत हो रहा था। जैसे ही वन विभाग की टीम जंगल के भीतर पहुंची, पहले से छिपे बैठे लोगों ने गोफन से बड़े-बड़े पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इसके बाद लाठियों से भी हमला किया गया। अचानक हुए इस हमले से वन कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले में घायल होने वालों में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत , राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी सहित कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि गुड़ी रेंज में लंबे समय से बड़े पैमाने पर वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। हाल ही में वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर कई स्थानों से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद से क्षेत्र में वन विभाग और अतिक्रमणकारियों के बीच लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में भी वन अमले पर कई बार हमले हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं किया गया।





